Raj Bhasha

केंद्रीय विद्यालय भिण्ड

 

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विद्यालय कर्मचारियों को हिन्दी में प्रवीणता/कार्यसाधक ज्ञान की जानकारी की अद्यतन स्थिति

प्रवीणता प्राप्त कर्मियों में से कितनों को नियम 8(4) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट किया गया |

क्या विद्यालय रा.भा. नियम 1976 के अंतर्गत हिन्दी के प्रयोग प्रयोजन हेतु अधिसूचित है? यदि हां तो उसकी तिथि

विद्यालय में कार्यरत अवर श्रेणी लिपिको की कुल संख्या

इनमे से हिन्दी टंकण जानने वालो की संख्या

रा.भा. अधि नियम -1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत जारी कागजातों की स्थिति

विद्यालय में कार्यरत अधिकारियो एवं कर्मचारियों की कुल संख्या

हिन्दी का कार्य साधक ज्ञान प्राप्त कर्मचारियों की संख्या

प्रवीणता प्राप्त कर्मचारियों की संख्या

हिन्दी भाषा (प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ) के प्रशिक्षण हेतु शेष रहे कर्मचारियों की संख्या

इस तिमाही में जारी ऐसे कागजातों की कुल संख्या

केवल अंग्रेजी में जारी ऐसे कागजातों की कुल संख्या

शैक्षिक-32

 

गैर शैक्षिक01

सहायक-

यूडीसी- 01

एलडीसी- 01

सबस्टाफ-02

 

37

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

37

निरंक

निरंक

हाँ 29-03-11

01

01

05

निरंक

कुल 37

 

 

 

 

 

 

 

 

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7

8

9

राजभाषा नियम- (हिन्दी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिन्दी में देना) के अनुपालन की स्थिति

तिमाही में अंग्रेजी में प्राप्त पत्रों की स्थिति

विद्यालय द्वारा भेजे गए कुल पत्रों का व्योरा

कार्यालय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की तिमाही बैठक का आयोजन

इस तिमाही में हिन्दी में प्राप्त हुए पत्रों की कुल संख्या

जिनका हिन्दी में उत्तर दिया गया

जिनका अंग्रेजी में उत्तर दिया गया

कुल संख्या

इनमे से जिनका हिन्दी उत्तर दिया गया की संख्या

इस तिमाही में भेजे गए कुल पत्रों की संख्या

इनमे से हिन्दी में भेजे गए कुल पत्रों की संख्या

केवल अंग्रेजी में भेजे गए कुल पत्रों की संख्या

हिन्दी में भेजे गए पत्रों का कुल प्रतिशत

बैठक के आयोजन की तिथि

कर्यबृत(minutes) जारी करने की तिथि

46

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

46

निरंक

 

 

 

 

 

 

 

33

33

140

140

निरंक

100

30-09-15

30-09-15

 

 

 

 

 

 

 

 

10

11

12

13

14

15

तिमाही के दौरान लिखी गयी कार्यालय टिप्पणियो की संख्या

तिमाही के दौरान आयोजित हिन्दी कार्यशाला की तिथि

 

क्या संसदीय राजभाषा समिति द्वारा अभी आपके विद्यालय का निरीक्षण किया गया है? यदि हां तो उसकी तिथि एवं दिए गए आश्वासनों की लंबित संख्या

विद्यालय के प्रयोग में आने वाली रबर की मोहरें, नाम पट्ट, साइन बोर्ड आदि की स्थिति

विद्यालय की वेवसाइड क्या द्विभाषी रूप (हिन्दी एवं अंग्रेजी) में तैयार है अथवा नहीं

कम्प्युटर

रबर की मोहरें

नाम पट्ट

साइन बोर्ड

कुल संख्या

जिनमे द्विभाषी /यूनीकोड में कार्य करने की सुविधा उपलब्ध है

क्या कार्यालय में कार्यरत सहायक यूडीसी /एलडीसी यूनीकोड पर हिन्दी में कार्यकरने में प्रशिक्षित है?

कुल संख्या

हिन्दी में लिखी गयी टिप्पणियो की संख्या

 

 

कुल

द्विभाषी

कुल

द्विभाषी

कुल

द्विभाषी

 

 

 

04

04

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

01

हाँ 18-10-13

45

45

45

45

05

05

हाँ

65

65

हाँ

सेवा पुस्तिकाओ तथा प्रयोग में रहे सभी रजिस्टरों में की जाने वाली प्रविष्टयों आदि की स्थिति

विद्यालयों में प्रयोग में रहे फार्मो की स्थिति

वर्ष में (संदर्भ पुस्तकों को छोडकर) पुस्तकालय में कितने रुपये की पुस्तकों की खरीद की गयी इनमे से हिन्दी की पुस्तकों पर खरीद की राशि

तिमाही में विज्ञापन एवं प्रचार प्रसार पर किये व्यय का व्योरा

व्य वर्ष में कोई पत्रिका प्रकाशित की गयी, यदि हां हिन्दी एव्फाम अंग्रेजी में कितने पृष्ठ प्रकाशित किये गए

क्या राजभाषा नियमों/ निर्देशों के समुचित रूप से कार्यान्वयन के लिए जाँच बिंदु बनाये गए है

तिमाही के दौरान राजभाषा नीति के कार्यान्वयनसे संबंधितअन्य विशिष्ठ उपलब्धियोंका संक्षिप्त विवरण यदि कोई हो तो |

सेवा पुस्तिकाए

रजिस्टर

कुल संख्या

कितने द्विभाषी रूप में तैयार है

कुल खर्च की गयी राशि

हिन्दी पुस्तके खरीदने पर खर्च की राशि

कुल व्यय

हिन्दी में व्यय

अंग्रेजी में व्यय

हिन्दी पृष्ठ

अंग्रेजी पृष्ठ

हां या नहीं

यदि हां तो कब से लागू है

कुल संख्या

जिनमे प्रविष्टियाँ हिन्दी में की जा रही है

कुल संख्या

जिनमे प्रविष्टियाँ हिन्दी में की जा रही है

37

 

 

 

 

 

 

37

60

60

25

25

fujad

fujad

3150

3150

निरंक

60

24

हाँ

पूर्व से

--

 

नोट राजभाषा अधिनियम की धारा के अंतर्गत सामान्य आदेश, ज्ञापन, अधिसूचनाए, प्रेस-विज्ञप्तियाँ, नोटिस, संबिदाए, करार, लाइसेंस,

परमिट, निविदाए, टेंडरफार्म आदि दस्तावेज सम्मिलित है |

प्राचार्य के हस्ताक्षर

मोहर सहित

 

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श्रीमान उपायुक्त महोदय

केंद्रीय विद्यालय संगठन

क्षेत्रीय कार्यालय

आगरा (उ.प्र )

 

विषय-हिंदी के प्रगामी प्रयोग से सम्बंधित तिमाही रिपोर्ट |

 

महोदय,

 

उपर्युक्त विषयान्तर्गत लेख है कि हिंदी राजभाषा के प्रगामी प्रयोग से सम्बंधित अप्रैल से जून २०१४ तक की तिमाही रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्र में भरकर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की जाती है |

 

 

 

 

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संलग्नक- यथोपर

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रदर्शन पट्ट सजावट हेतु प्रकरण

 

शिवाजी

इतिहास, राजनीति, खेलकूद, सम-सामयिक घटनाएँ

 

टैगोर

शिक्षा, साहित्य, दर्शन संगीत

अशोक

धर्म, संस्कृति, कला, भौगोलिक जानकारी

रमन

विज्ञान, चिकित्सा, तकनीक, पर्यावरण

 

आज्ञा से

प्राचार्य

 

 

 

 

 

 

 

प्रति,

श्रीमान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी

जिला भिण्ड|

उचित माध्यम द्वारा

 

विषय दिनांक 04-05-14 को प्रशिक्षण एवं 16-05-14 को होने वाली मतगणना में लगी ड्यूटी से छूट के सम्बन्ध में

 

महोदय,

केंद्रीय विद्यालय भिण्ड के शिक्षकों की दिनांक १६-०५-१४ को होने वाली मतगणना हेतु ०४-०५-१४ को प्रशिक्षण की ड्यूटी लगाई है अत: इन तिथियों में लगी ड्यूटी से मुक्ति पाने हेतु हम शिक्षकगण अधोलिखित बिंदुओ के माध्यम से आपके ध्यानाकर्षित हेतु निवेदन करना चाहते है-

१.     यह कि के.वि. के अध्यापक के.वि.सं. के नियमानुसार ग्रीष्मावकाशीय (Vacational) कर्मचारी है|

२.     यह कि विद्यालय दि. १४-०५-२०१४ से २२-०६-२०१४ तक ग्रीष्मावकाश के उपलक्ष्य में बंद हों रहा है|

३.     यह कि इस विद्यालय में सभी शिक्षक दूसरे राज्यों/ जिलों के मूल निवासी है और आगामी ग्रीष्मावकाश में अपने मूल निवास में जारहे है|

४.     यह कि के.वि. के शिक्षकों के लिए ग्रीष्मावकाश ही ऐसा समय है जिसमे सभी लोह अपने अपने मूल निवास जाकर पूर्वनियोजित कार्य जैसे गृह निर्माण/ मरम्मत कार्य, वृद्द्ध माता पिता का इलाज, पुत्र-पुत्रियों के शादी सम्बन्ध आदि समपन्न करते है|

 

अत: उपर्युक्त बिंदुओ के माध्यम से आपसे अनुरोध है कि के.वि. के शिक्षकों को मतगणना ड्यूटी से मुक्त किया जाए|

 

यदि किन्ही अपरिहार्य कारणों से मुक्त न किया जा सके तो अवकाश के दिनों में किए गए कार्य के एवज में क्षतिपूर्ति के रूप में किसी भी प्रकार के अवकाश को प्रदान करने की कृपा करें|

सधन्यवाद

हम सब शिक्षकगण

 

 

 

 

 

 

 

 

केंद्रीय विद्यालय भिण्ड

पाठ्य सहगामी क्रियायों की प्रतियोगिताओं की मूल्यांकन पत्रिका

प्रतियोगिता का नाम दिनांक

समूह

क्रम

प्रतिभागी का नाम

कक्षा

सदन

अंक

कुल योग १

 

 

 

 

 

 

महायोग

१०

१०

१०

कनिष्ठ समूह

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

वरिष्ठ समूह

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

निर्णायक का नाम एवं हस्ताक्षर संयोजक प्राचार्य

सी सी

 

 

 

कला प्रतियोगिता हेतु प्रकरण

 

 

कक्षा- से -------------किसी त्योहा पर

अथवा

-शहर दृश्य या गांव दृश्य

 

कक्षा -९से १०--------------गो ग्रीन

अथवा

-ग्लोबल वार्मिंग

 

आज्ञा से

प्राचार्य


सदन- कार्य- तालिका

सदन का नाम टैगोर दिनांक --१४ से --१४ तक

दिन

समादेश

प्रतिज्ञा

विचार

समाचार

विशेष कार्यक्रम

पट्टलेखन

बरामदाड्यूटी

गेट ड्यूटी

सोमवार

सत्यम् १२

प्रीति

नरवरिया ६अ

आशीष

शर्मा

९ब

फैजान ६ब

अपर्णा १०अ

श्याम सुन्दर ९ब

अभिषेक त्रिपाठी १०अ

साहिल १०अ

कुलदीप १०अ

आलोक१०अ

मंगलवार

ssaसत्यम १२

 

 

शिखा गुप्ता ६अ

तनु तोमर ६अ

अभिषेक ६अ

नंदिनी ७अ

अजय ९ब

कुलदीप,आलोक १०अ

 

आशुतोष,दीपेंद्र १०ब

बुधवार

गौरव ८ब

खुशबूदोहरे ९अ

शिखा गुप्ता

६अ

काजल ८अ

रेनू ९अ

श्यामसुन्दर ९ब

आशुतोष,दीपेंद्र १०ब

अभिषेक त्रिपाठी १०अ

साहिल १०अ

बृहस्पति

अवनीता ५ब

 

 

 

नरेन्द्र ४ब

नैन्शी ५ब

सत्यप्रकश ५ब

मीनाक्षी ,तृप्ति

४ब

रोहित ५ब

अभिषेक त्रिपाठी १०अ

साहिल १०अ

आशुतोष,दीपेंद्र १०ब

शुकवार

सत्यप्रकाश ५ब

मीनाक्षी ४ब

मीनाक्षी ४ब

नरेन्द्र ५ब

एन्जिल २अ

अविनीश ५ब

आशुतोष,दीपेंद्र १०ब

अभिषेक त्रिपाठी १०अ

साहिल १०अ

शनिवार

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ग्रीष्मकालीन अवकाशीय गृहकार्य

द्वारा- एस.के पाल पी जी टी हिन्दी

कक्षा -७

 

 

 

 

१-परियोजना कार्य (हम पंछी या कठपुतली) |

२-सभी पढाये गए पाठों से २०-२० कठिन शब्दों को लिखना |

३- सभी पढाये गए पाठों से भाषाध्ययन |

४-चार पत्र ,दो औपचारिक ,दो अनौपचारिक |

५-चार निबंध |

६ -सभी पाठोंको परीक्षा हेतु तैयार करना |

कक्षा-१०

 

 

 

 

१-अपठित गद्यांश,पद्यांशों का अध्ययन|

२-चार निबंध |

३- चार पत्र ,दो औपचारिक ,दो अनौपचारिक|

४-पढाये गए पाठों के अतिरिक्त प्रश्न |

५--विशेषण एवं क्रियाविशेषण |

६-सभी पाठोंको परीक्षा हेतु तैयार करना |

कक्षा-१२

 

 

 

 

१-अपठित गद्यांश,पद्यांशों का अध्ययन|

२-चार निबंध |

३- चार पत्र ,दो औपचारिक ,दो अनौपचारिक|

४-२ फीचर|

५-प्रिंट मीडिया के २० प्रश्न |

६- सभी पाठोंको परीक्षा हेतु तैयार करना |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

प्रथम संकलित परीक्षा

कक्षा -10 समय -90 मिनट

विषय- हिन्दी अंक -50

प्रश्न-1 निम्नलिखित गद्यांश को पढकर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से छांटकर लिखिए(5 )

गई है | ये समस्याए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती हैं| समस्याओं का समाधान करने में ही उसका श्रेष्ठतमरूप उभर कर सामने आता है |पुराणों में इस प्रकार अनेक कथाये मिलती आज का मानव जीवन समस्याओ से घिरा है | समस्याएं आज मानव जीवन का पर्याय बन है,जो शिक्षा देती है कि मनुष्य जीवन कि हर स्तिथि में सीखे व समस्या उत्पन्न होने पर उसके समाधान का उपाय सोचे |जो व्यक्ति जितना उत्तरदायित्व पूर्ण कार्य करेगा उतनी उसके समक्ष समस्याएं आयेंगी|महत्व कि बात तो यह है कि प्रत्येक संघर्ष के गर्भ में विजय निहित रहती है |संघर्ष से विमुख होना लौकिक और पारलौकिक सभी दृष्टियों से अहितकर है | मानव धर्म के प्रतिकूल है| अत: आप उठिए,दृढ़संकल्प उत्साह और साहस के साथ संघर्ष रुपी विजयरथ पर चढ कर अपने जीवन के विकास में विघ्न रुपी शत्रुओ पर विजय प्राप्त कर अपना जीवन खुशियों से भर लीजिए|

(क ) विजय का निवास कहाँ होता है?

(i) लक्ष्य में | (ii) आकांक्षा में |

(iii)कर्म की इच्छा में | (iv)संघर्ष में |

(ख) मनुष्य का श्रेष्ठतमरूप कब उभर कर सामने आता है?

(i) संघर्ष में पिसकर| (ii)कर्म करते रहने में |

(iii)समस्याओंको सुलझाने में | (iv) संघर्ष से दूर भागकर |

(ग)अनुकूल का विलोम शब्द है

(i)प्रतिकूल (ii)संघर्ष

(iii)लौकिक (iv) पारलौकिक

(घ)इस गद्यांश के लिए उचित शीर्षक होगा

(i)संघर्ष एक अभिशाप (ii)समस्या जीवन का रूप

(iii )संघर्ष ही सफलता का आधार (iv) संघर्ष और समस्या

(च )हम अपने जीवन को खुशियों से कैसे भर सकते है ?

(i) खूब धन कमाकर (ii)खूब पढ़ लिखकर

(iii)विघ्नारूपी शत्रुओ पर विजय प्राप्त करके (iv ) विदेश जाकर

प्रश्न -2 निम्नलिखित पद्यांश को पढकर नीचे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से छांटकर लिखिए| (5 )

न सीमा का हमारे देश ने विस्तार चाहा है |

किसी के स्वर्ण पर हमने नहीं अधिकार चाहा है |

मगर एक बात कहने में न चुके है न चुकेंगे |

लहू देंगे मगर हम देश कीमिटटी नहीं देंगे

किसी लोलुप नजर ने यदि हमारी मुक्ति को देखा

उठेगी जल प्रलय को आग जिसपे छार सोई है

न यह समझो की हिंदुस्तान की तलवार सोई है |

(क )भारतीयों का मुख्य गुण है कि वे

(i)-दूसरों कीमदद करते हैं (ii)-दूसरों की रक्षा करते है

(iii)दूसरों को अपनाते है (iv) किसी दूसरों का अधिकार नहीं छीनते

(ख) कविता में भारतीयों की प्रवृत्ति के विषय में कहा गया है कि वे-

(i) पसीना वहाकर अन्न उपजाते है (ii) रक्त वहाकर भी अपने देश की रक्षा करते है

(iii) रक्त वहाकर दूसरों पर अधिकार कर लेते हैं (iv) पसीना वहाकरअपना जीवन वित देते हैं

(ग ) हिंदुस्तान की तलवार सोई है-से कवि का आशय है कि भारतवासी

(i) उचित समय पर ही वार करते हैं (ii)डरपोक और कायर हैं

(iii) लड़ने से कतराते हैं (iv) तलवार चलाना नहीं जानते

(घ)हम भारतीय चुनौती देते हैं कि -

(i) हम घबराई नजरों कीसदा सहायता करेंगे | (ii)हम क़तर नजरों से भीख न मांगेंगे |

(iii)हम पीड़ित नजरों की पीड़ा दूर करेंगे | (iv)हम ललचाई नजरों का सामना वीरता से करेंगे |

(ड.)तलवार शब्द के पर्यायवाची का सही विकल्प है

(i)-कुठार (ii)असि

(iii)-शूल (iv) भाला

प्रश्न -३ निर्देशानुसार उत्तर दीजिए (5)

क-किस वाक्य में सकर्मक क्रिया का प्रयोग हुआ है

(i)-बालिका गीत गातीहै (ii) कबूतर पेड़पर बैठा है

(iii) मै कलकत्ता में रहता हूँ (iv)गंगा हिमालय से निकलती है

(ख)सोहन विदेश जा रहा है

(i)अकर्मक क्रिया (ii)-एककर्मकक्रिया

(iii)द्विकर्मकक्रिया (iv) सकर्मक क्रिया

 

(ग)निम्नलिखित विकल्पों में सकर्मक क्रिया का सही विकल्प चुनकर लिखिए

(i)लड़ना (ii)लड़ाना

(iii)लड़ाई (IV)लड़ा

(घ )सकर्मक क्रिया उसे कहते हैजिसमे

(i)क्रिया का अभाव हों (ii)-जिसमे कर्म अपेक्षित हों

(iii)कर्ता का अभाव हों (iv)कर्म का अभाव हों

(ड)निम्नलिखित वाक्योंमें से किस वाक्य में सयुक्त क्रिया प्रयुक्त नहीं हुई है |

(i)रवि स्कूल जाने लगा (ii)राम ने उसे मर दिया

(iii)-तुम वहां आकर बैठ जाओ | (iv)-बालिका लजाई

प्रश्न -४ निम्नलिखित गद्यांश को पढकर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो |(5)

(क ) बाल गोबिन भगत पाठ के लेखक है

(i)-स्वयं प्रकाश (ii)रामबृक्षबेनीपुरी

(iii)सर्वेश्वरदयालसक्सेना (iv)महावीर प्रसाद द्विवेदी

(ख) बल्गोबिन भगत एक साधू थे क्योंकि वे

(i)कबीर के आदर्शो पर चलते थे | (ii)प्रतिदिन राम मंदिर जाते थे |

(iii)गरुवे वस्त्र पहनते थे (-iv) भक्तों को उपदेश देते थे |

(ग)बाल गोबिन भगत के बारे में सच नहीं है |

(i)-झूठ नहीं बोलते थे (ii)कबीर के गीतों को गाते थे |

(iii)खामखाह झगडा मोल लेते थे (iv)-किसीभी चीज को ब्यवहार में नहीं लाते थे

(घ )भगत गुजर कैसे चलते थे ?

(i)-खेत में पैदा अन्न से (ii)भिक्षा में मिले अन्न से

(iii)दान से मिले अन्न से (iv)मठ से प्रसाद रूप में मिली पैदावार से

(ड)गद्यांश के आधार पर बल्गोबिन भगत आपको क्या प्रतीत होते है

(i)-साधू (ii) गृहस्थ

(iii)-किसान (iv)गृहस्थ साधू

प्रश्न -5 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो (15)

१-       हालदार साहब किस बात से दुखी थे ?

२-       बाल गोबिन भगत की पुत्रबधू पुनर्विवाह क्यों नहीं करना चाहती थी ?

३-       कृष्ण के प्रति अपने अनन्य प्रेम को गोपियों ने किस प्रकार अभिव्यक्त किया है ?

४-       कवि देव ने चांदनी रात की सुंदरता को किन किन रूपों में देखा है ?

५-       भोलानाथ को खाना खिलाने के लिए उनकी माँ क्या प्रयाश करती थी?

प्रश्न ६- अपने क्षेत्र में पार्क विकसित करने के लिए नगर निगम अधिकारी को पत्र लिखिए |(5)

अथवा

विद्यालय में नियमित उपस्थित रहने और परीक्षा की तैयारीभलीभांति करते रहने की सलाह देते हुए छोटे भाई को पत्र लिखिए |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

केंद्रीय विद्यालय भिण्ड

प्रथम इकाई परीक्षा २०१४-१५

 

 

विषय हिन्दी समय -९० मिनट

अंक-५०

प्रश्न - निम्नलिखित गद्यांश पढकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दो-१०

भयभीत मनुष्य ही अपनी असुरक्षाकी भावना से उत्तेजित होकर हिंसा पर उतारू हो जाता है | यदि विश्लेषण करेंगे तो आप पाएंगे किआज समाज में व्याप्त वहुविध हिंसा का बहुत बड़ा कारण है एक दूसरे के प्रति भय | अनावश्यक आक्रामकता भी इसी भय का परिणाम है |यही भय है जो पहले हमारा आत्मविश्वास छीनता है और फिर हमारा विवेक छीन लेता है | जो बहादुर है साहसी है वह निहत्थे लाचारलोगों पर आक्रमण नहीं करता है,लेकिन जो विवेकशील जनशक्ति से भयभीत है वही भाईचारे एवं मानवीय करुणा भूलकर चोरी छिपे कार्य करते है ,निहत्थोंपर वार करता है|यही आतंकवाद है|इसके मूल में वहुधा वे सिद्धांत या आदर्श नहीं होते जिन्हें वे जाहिरा तौर पर घोषित करते है |उसके मूल में कहीं ना कहीं भय रहता है |समाज के विकास की आदर्श स्थिति वही है जिसमे ना आप दूसरेसे भयभीत हों ना दूसरे को भयभीत करें | भयभीत होने या भयभीत करने की ये दोनों स्थितियां सहज मानवीय विकास के लिए घातकहै|

()जीवन एवं समाज में भय क्या दुष्परिणाम देखने को मिलते है |

()मनुष्यके लिए भय किस प्रकार हानिकारक होता है

()आतंकवाद किसे कहा गया है

()सामाजिक विकास के लिए आदर्श स्थिति क्या होती है ?

()मानवीय विकास में कौन सी बातें सहायक होती हैं ?

प्रश्न - निम्नलिखित पद्यांश पढकर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दो -

 

 

 

 

 

 

 

 

 

केंद्रीय विद्यालय भिण्ड

पाठ्य सहगामी क्रियायों की प्रतियोगिताओं की मूल्यांकन पत्रिका

प्रतियोगिता का नाम दिनांक

 

 

 

कक्षा

 

प्रथम

 

द्वितीय

r`rh;

 

छठी अ

 

 

 

 

छठी ब

 

 

 

 

सातवीं अ

 

 

 

 

सातवीं ब

 

 

 

 

आठवीं अ

 

 

 

 

आठवीं ब

 

 

 

 

नवी अ

 

 

 

 

नवी

 

 

 

 

दसवीं अ

 

 

 

 

दसवीं ब

 

 

 

 

ग्यारहवीं अ

 

 

 

 

ग्यारहवीं ब

 

 

 

 

बारहवी अ

 

 

 

 

बारहवी ब

 

 

 

 

 

निर्णायक का नाम एवं हस्ताक्षर संयोजक प्राचार्य